जिंदगी
पाने को कुछ नही ,
ले जाने को कुछ नही,
उड़ जाएंगे एक दिन,
तस्वीर से रंगों की तरह
हम वक्त की टहनी पर .......
बैठे हैं परिंदो की तरह
खटखटाते रहिये दरवाजा.......
एक दूसरे के मन का,
मुलाकात ना सही ,
आहटे आती रहनी चाहिए
नाराज हैं....."जिंदगी"
बस जो है वो आज है ......"जिंदगी"
bhut badia
ReplyDelete