उच्च शिक्षा में महिलाएं
महिलाएं समाज की वास्तविक वास्तुकार होती हैं अगर कोई घर या ऑफिस सही वास्तु के हिसाब से ना बना हो तो वह शुभ फल नहीं देता | यही बात महिलाओं की शिक्षा के लिए लागू होती है क्योंकि महिलाएं ही समाज का समाज का स्वरूप है | अगर महिलाएं खुद अच्छी स्थिति में नहीं होंगी तो वह भला सभ्य समाज के निर्माण में क्या भूमिका निभाएगी ? यह हम सब समझ सकते हैं हम सब वूमेन इंप्रूवमेंट की बात तो बहुत करते हैं अगर महिलाओं को सशक्त बनाना है तो शिक्षा ही उस दिशा में पहला कदम है | किसी भी परिवार में मुखिया भले ही पुरुष हो लेकिन महिला उस घर का एक मजबूत स्तंभ होतीं है । जिस पर पूरे घर का भविष्य टिका रहता है घर को सुचारू और सुनियोजित तरीके से चलाने के लिए दोनों का समझदार व शिक्षित होना आवश्यक है। विपरीत परिस्थितियों में भी शि...