आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ते युवा

    

किस प्रकार अपना व्यवसाय भी हमे आत्मनिर्भर बनाता हैं, इस पर प्रस्तुत है, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय मै कैंटीन चलाने वाले श्री विकास जी के साथ हुई बातचीत के मुख्य अंश।
  

प्रश्न  आप सबसे पहले हमें अपने बारे में कुछ बतायें ?                                                                                                      उत्तर-   जी ,मेरा नाम विकास हैं ओर मै ज्यादा पढ़ा लिखा नही हूँ।  बस में थोड़ा बहुत हिसाब किताब लगा लेता हूं 
मै भिवानी का ही रहना वाला हूँ ।मेरे को यहाँ पर दुकान का काम करते हुए पांच साल हो चुके हैं में इसी दुकान से अपना घर खर्च चलाता हूँ।

प्रश्न.क्या आप इस दुकान से आत्मनिर्भर हैं? 
         
 उत्तर-  हाँ जी,मै इस दुकान से पूरी तरह से आत्मनिर्भर हूँ क्योंकि इसी से मेरा पूरा घर खर्च चलता है  मेरी जरूरते भी इसी से पूरी
होती है  मेरे परिवार का भरण-पोषण इसी से पूरा करता 
हूँ।


प्रश्न.   आपका दुकान करने का उद्देश्य क्या था? 
 
      उत्तर    -        देखिए,मैने 12वी तक पढाई की हैं आगे मेरी पढ़ाई में रुचि नही थी इस वजह से  मैंने आगे की पढ़ाई नही की फिर मुझे मेरी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिये  किसी काम की शुरुआत करनी थी तो मुझे दुकानदार का ही काम अच्छा लगा यही मेरा मुख्य उदेश्य था।        

                                                          
प्रश्न.    आपकी अपने दुकान के प्रति क्या जिम्मेदारियां हैं?

उत्तर- जी ,मैं अपनी दुकान को समय पर खोलता हूँ ओर समय पर बन्द करता हूं। किसी भी ग्राहक के साथ किसी भी प्रकार की बत्तमीजी के साथ पेश नही आता ।


प्रश्न. आपको अपनी दुकान पर किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं?

उत्तर-    देखिये दुकानदार को हर वक्त सावधान रहना पड़ता 
हैं कि उसकी दुकान में कौन सी वस्तु हैं या नही है। कौन सी वस्तु ग्राहक को क्या चाहिए और क्या मंगवाना हैं कई बार बड़े बत्तमीज ग्राहकों का भी सामना करना पड़ता हैं कभी कभी तो झगड़ा भी कर लेते हैं।इस तरह की समस्याओं को हमे बड़ी गंभीरता के साथ निपटाने पड़ते हैं।


प्रश्न. एक अच्छे दुकानदार में क्या-क्या गुण होने चाहिए?

उत्तर- दुकानदार सबसे पहले तो ईमानदार होना चाहिए किसी भी प्रकार की ग्राहक के साथ सौदेबाजी या कम ज्यादा price नही लगाना चाहिए ग्राहक  को क्या लेना है क्या नही ,उसे अच्छे से handal करना आना चाहिए दुकानदार को दुकान के साथ साथ अपने personal जिम्मेदारियों के  साथ सतर्क रहना चाहिए।


प्रश्न.         आप युवाओं का क्या संदेश देना चाहेगे ?   

       उत्तर-  देखिए ये जरूरी नही हैं कि ज्यादा पढ़ा लिखा व्यक्ति ही जॉब करे आज के समय मे जॉब कम बेरोजगारी बढ़ती जा रही हैं इस पर सरकार को भी ध्यान देनी की जरुरत है हर फील्ड में जॉब मिले ये तो जरूरी नही हम अपना कोई छोटा बड़ा काम करके भी अपना लाइफ को settle कर सकते हैं जैसे कि में अपनी दुकान से आत्मनिर्भर हूँ।
                                                           






                                                                       



                                                                         
                                                                         

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